सावधानः 1500 से ज्यादा लोगों ने Whatsapp Group बनाकर उडाये पैसे

50 से ज्यादा ग्रुप बनाकर चला रहे थे गोरख धंधा

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रायपुर (छत्तीसगढ़) के डेढ़ हजार से ज्यादा लोग E-wallet से ठगी का कारोबार कर रहे हैं। ये प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकर whatsapp group के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

इंदौर में पिछले माह पकड़े गए एक बड़े ठगी के नेटवर्क में यह बात सामने आई है। इंदौर पुलिस की तरफ से छत्तीसगढ़ पुलिस को ऐसे 800 नंबर की जानकारी भेजी गई है, जो इस तरह की ठगी में शामिल हैं। साइबर क्राइम के इस हथकंडे से को लेकर अब यहां भी जांच की जा रही है। | इंदौर सायबर सेल ने पिछले महीने E-wallet से की जा रही ठगी का बड़ा पर्दाफाश किया।

इसमें खुलासा हुआ था कि झारखंड, यूपी, बिहार, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे 22 राज्यों वाट्सएप ग्रुप के मध्यम से ठगी का यह कारोबार चल रहा है। इसमें अलग-अलग नामों से 56 whatsapp group संचालित कर रहे। हैं। सभी ग्रुप में इन राज्यों के लगभग दस हजार से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी इतनी सफाई से पैसे उड़ाते हैं लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगती। अफसरों के मुताबिक phone pe के wallet की क्लोनिंग सबसे ज्यादा की जाती है। ऐसा कर वे क्लोन्ड पेमेंट वॉलेट बनाते हैं।

भेजे नंबरों से छत्तीसगढ़ पुलिस तलाश रही आरोपियो के लिंक
Cyber cell के सब इंस्पेक्टर आशुतोष का कहना है कि अब तक इस मामले में पांच आरोपी पकड़े गए हैं। पूछताछ आरोपियों ने जिन राज्यों के नाम बताए हैं वहां के साइबर सेल में उनके नंबर भेजे गए हैं। छत्तीसगढ़ में ऐसे 800 नंबर भेजे गए हैं। इन नंबरों के आधार पर अपराधियों का लिंक तलाशा जा रहा है।

ओटीपी के नाम से ज्यादा ग्रुप बनाकर चला रहे गोरखधंधा
आरोपियों द्वारा ओटीपी नाम से ज्यादा ग्रुप बनाए गए हैं। उनके अधिकांश ग्रुप के नाम ओटीपी का शोरुम, ऑल टाइम इंडिया, एनी टाइम ओटीपी, मनी मर्जी, ऑल इंडिया ओटीपी जैसे एक-दो नहीं बल्कि 50 से ज्यादा ग्रुप संचालित किए जा रहे हैं। ये ग्रुप में देश भर के लगभग 10 हजार से ज्यादा सदस्य सक्रिय हैं।

कहां-कहां हुआ आधार का उपयोग, ऐसे जान सकते हैं आप
अफसरों ने बताया कि आम लोग किस तरह अपना Aadhaar card से लिंक्ड सिम या अन्य mobile नंबरों की जानकारी हासिल कर सकते हैं। किसी व्यक्ति का आधार कार्ड का कहां-कहां उपयोग हुआ है, इसकी पूरी जानकारी यूआईडीए की वेबसाइट से जान सकते हैं। दिसंबर 2017 को इस साइट पर एक फीचर जोड़ गया है, जिससे यह पता कर सकते हैं कि एक आधार से कितने bank account जुड़े हैं, कितनी कंपनियों की mobile sim चल रही है और किस-किस जगह आपका Aadhaar card लिंक हुआ है या किया गया है।

इस तरह उड़ाते वॉलेट से पैसा
इंदौर के साइबर सेल के एसपी जितेन्द्र सिंह ने बताया कि लोगों की आधार से लिंक्ड सिम को फर्जी तरीके से हासिल कर उनके ई-वॉलेट हैक कर उससे पैसा उड़ा रहे हैं। बदमाश इस तरह की वारदात को अंजाम देने में इसलिए सफल हो रहे, क्योंकि लोगों को भनक ही नहीं लगती है कि उनकी आधार से लिंक्ड सिम का कहां-कहां इस्तेमाल हो रहा है। आरोपियों द्वारा Flipkart, OTP, फर्जी सिम, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, Paytm, केवाईसी अपडेट जानकारी हासिल कर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

फोन-पे की क्लोनिंग
शातिर ठग क्लोव्ड payment wallet बनाते हैं। वॉलेट में किसी का भी मोबाइल नंबर डाल दें तो रजिस्टर्ड होने के लिए उन्हें एक पिन नंबर लेनी होती है। जो 0 से 9 तक के बीच का होता है। ये अंक पाने के लिए वे क्लोज्ड पेमेंट एप का उपयोग करते हैं।

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