अजवाइन के छोटे-छोटे दानो छिपे है कई बड़े बड़े गुण, पेट के अनेक रोगों में यह बहुत लाभदायक है

120

अजवाइन के छोटे-छोटे दानों में कई बड़े-बड़े गुण छिपे हैं. पेट के पाचन संबंधी अनेक रोगों में यह बहुत लाभदायक है. प्रसूतावस्था में अजवाइन व गुड़ की डली देने से कमर का दर्द ठीक हो जाता है. गर्भाशय की शुद्धि होती है, भूख लगती है तथा ताकत भी बढ़ती है…

  • पिसी हुई कच्ची अजवाइन व गुड़ समान मात्रा में मिलाकर एक-एक चम्मच रोज दिन में तीन बार सेवन करने से गुर्दे का दर्द ठीक हो जाता है.
  • अजवाइन 1 छोटा चम्मच, काला नमक चौथाई चम्मच दोनों को पीसकर छाछ में मिलाकर पीने से वायु गोला में लाभ होता है.
  • अजवाइन खाकर गर्म पानी पीने से खांसी ठीक हो जाती है.
  • अजीर्ण होने पर एक चम्मच अजवाइन और स्वादानुसार सैंधा नमक मिलाकर प्रात: भूखे पेट पानी से फकी लेने से लाभ होता है.
  • अजवाइन के तेल की मालिश से घुटनों के दर्द में अच्छा आराम मिलता है.
  • 5 ग्राम अजवाइन पतले कपड़े में बांधकर हथेली पर रगड़कर बारबार सूंघने से जुकाम दूर हो जाता है.
  • अजवाइन का चूर्ण 1 छोटा चम्मच, 1 गिलास छाछ में घोलकर पीने से पेट के कृमि नष्ट हो जाते हैं.
  • पूड़ी, पराठे, कोई भी खाने की चीज हो, उसमें अजवाइन डालकर बनाएं. इस प्रकार खाने में पाचन शक्ति बढ़ती है और खाई गई चीज पच जाती है.
  • दर्द एवं रुककर आने वाले मासिक धर्म में भी इससे लाभ होता है. रुके हुए रक्त को खुलकर लाने के लिए 5 ग्राम अजवाइन का चूर्ण दिन में दो मर्तबा गर्म दूध के साथ सेवन करें.
  • फोडे, फुसी की सूजन हो तो अजवाइन नींबू के रस में पीसकर लेप करें.
  • अजवाइन और गुड़ मिलाकर खाने से पित्ती दूर हो जाती है.
  • हृदयशूल रोग में, हृदय में बार-बार दर्द होने पर अजवाइन खाने से धीरे-धीरे दर्द बंद होने लगता है, व हृदय में हुए नन्हे छेद भी भर जाते हैं.
  • 5 ग्राम अजवाइन नित्य फांकने से गुर्दा व मूत्राशय की पथरी निकल जाती है.
  • दाद-खाज होने पर गर्म पानी में अजवाइन पीस कर लेप करें.
  • दांत दर्द होने पर अजवाइन मुंह में रखकर चूसे, दर्द दूर हो जाएगा.
  • 5 ग्राम अजवाइन में डेढ़ ग्राम काला नमक मिलाकर, फंकी लेकर गरम पानी पीने से गैस मिटती है.
  • अजवाइन व छोटी हरड समान मात्रा में पीसकर सेवन करने से पेट हल्का रहता है व कब्ज की शिकायत भी दूर होती है.