महाराणा प्रताप को लेकर बड़ा खुलासा, जानें कैसे हुई थी उनकी मौत

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राजस्थान की भूमि सदा से ही महापुरुषों और वीरों की भूमि रही है। उन्हीं वीरों में से एक थे महाराणा प्रताप।
28 मई को महाराणा प्रताप की जयंती थी इस अवसर पर महाराणा प्रताप पर पहली बार रिसर्च करने वाले डॉक्टर चन्द्रशेखर शर्मा ने उनके बारे में बताया।

महाराणा प्रताप पर पहली बार रिसर्च करने वाले डॉक्टर चन्द्रशेखर शर्मा ने अपने रिसर्च पेपर में बताया है कि प्रताप अपनी राजधानी चावंड में ही शिकार पर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान महाराणा ने अपना धनुष निकाला और उसकी डोरी को खींचा।

एका-एक महाराणा के आंत में खिंचाव आ गया। बाद में चावंड में उनका इलाज चला, लेकिन 29 जनवरी 1597 को 57 वर्ष की आयु में महाराणा प्रताप का निधन हो गया।

जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में उदयपुर के मीरा कन्या महाविद्यालय के प्रोफेसर और इतिहासकार डॉक्टर चन्द्रशेखर शर्मा ने यह शोध प्रस्तुत किया है। महाराणा प्रताप के समकालीन ताम्र पत्रों को आधार बताते हुए डॉ. शर्मा ने महाराणा प्रताप के बारे के जानकारियां दी है।

-डॉ. शर्मा ने बताया कि 1576 में हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप और अकबर के बीच ऐसा युद्ध हुआ, जो पूरी दुनिया के लिए आज भी एक मिसाल है। महाराणा प्रताप ने शक्तिशाली मुगल बादशाह अकबर की 85000 सैनिकों वाले विशाल सेना के सामने अपने 20000 सैनिक और थोड़े-से संसाधनों के बल पर स्वतंत्रता के लिए वर्षों संघर्ष किया।

30 वर्षों के लगातार प्रयास के बावजूद अकबर महाराणा प्रताप को बंदी न बना सका। यही नहीं महाराणा की मृत्यु की खबर सुन अकबर रो पड़ा था।

प्रताप की वीरता ऐसी थी कि उनके दुश्मन भी उनके युद्ध-कौशल के कायल थे। माना जाता है कि इस योद्धा की मृत्यु पर अकबर की आंखें भी नम हो गई थीं। उदारता ऐसी कि दूसरों की पकड़ी गई बेगमों को सम्मानपूर्वक उनके पास वापस भेज दिया था।

कहते हैं कि जब कोई अच्छाई के लिए लड़ता है तो पूरी कायनात उसे जीत दिलाने में लग जाती है। ये बात हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि उनका घोड़ा चेतक भी उन्हें जीत दिलाने के लिए अंतिम समय तक लड़ता रहा। चेतक की ताकत का पता इस बात से लगाया जा सकता था कि उसके मुंह के आगे हाथी कि सूंड लगाई जाती थी। जब मुगल सेना महाराणा प्रताप के पीछे लगी थी, तब चेतक प्रताप को अपनी पीठ पर लिए 26 फीट के उस नाले को लांघ गया, जिसे मुगल पार न कर सके।

महाराणा प्रताप का वजन 110 किलो… और लंबाई 7 फीट 5 इंच थी। यह बात अचंभित करने वाली है कि इतना वजन लेकर प्रताप रणभूमि में लड़ते थे।

Source politicalkhabar

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