फूलों से पहले पृथ्वी पर विकसित हुई थीं तितलियां

पृथ्वी पर फूलों के विकसित होने से लाखों वर्ष पूर्व ही कीट और तितलियों का विकास हो गया था।

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बोस्टन (प्रेट्र)। पृथ्वी पर फूलों के विकसित होने से लाखों वर्ष पूर्व ही कीट और तितलियों का विकास हो गया था। अमेरिका स्थित बोस्टन कॉलेज के वैज्ञानिकों ने करीब 20 करोड़ वर्ष पूर्व पृथ्वी की तलछट में जमे पत्थर और मलबों के नमूनों का अध्ययन कर इसका पता लगाया। जर्मनी के ग्रामीण इलाकों से इकट्ठा किए गए इन नमूनों में कुछ ऐसे तत्व पाए गए जो कीट के पंखों पर भी पाए जाते हैं।

अब तक ये मानते आए हैं वैज्ञानिक

पहले वैज्ञानिक मानते थे कि क्रीटेशस काल में फूल खिलाने वाले पौधे के विकसित होने के पांच-सात करोड़ वर्ष बाद लेपिडोपटेरा प्रजाति के इन कीट-पतंगों का उद्भव हुआ। माना जाता रहा है कि ये कीट अपने पोषण के लिए फूल पर ही आश्रित थे।

शोधकर्ता पॉल के स्ट्रोथर ने बताया, लेपिडोपटेरा फूलों के विकसित होने से पहले जुरासिक काल यानी डायनोसोर के समय से ही पृथ्वी पर कीट मौजूद थे। उस समय इन कीटों और तितलियों ने वह अंग विकसित कर लिया था, जिसकी मदद से वह बीज प्रदान करने वाले पौधे से पानी की बूंदें सोखकर पोषक तत्व ग्रहण करते थे।

सह-विकास का उत्कृष्ट उदाहरण

साइंस एडवांस जर्नल में प्रकाशित यह शोध जीवों और पौधों के सह-विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है। पहले ये कीट बीज से पोषक तत्व ग्रहण करते थे। फूलों के विकसित होने के साथ इनका आहार फूलों से निकलने वाला तत्व नेक्टर हो गया। इस तरह ये कीट फूलों के परागण की प्रक्रिया में मदद करने लगे।

Source Jagran

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