शरीर में तीन सरिये घुसने के बाद भी जिसे डॉक्टरों ने बचा लिया, पुलिस ने कर दिया मरा हुआ घोषित

95

जालंधर: गांव कानपुर में 12 दिन पहले सरिये से लदी ट्राली से टकराने वाले बाइक सवार गुरमीत सिंह को डॉक्टरों ने चाहे बचा लिया लेकिन थाना मकसूदां पुलिस की मानें तो वह मर चुका है। ये खुलासा तब हुआ जब हम ने थाना प्रभारी बलजिंदर सिंह से बात की तो उन्होंने विक्टिम के मर जाने और ट्राली चालक को गिरफ्तार कर धारा 304-ए के तहत कार्रवाई की बात कही। इस धारा का मतलब है गैर-इरादतन हत्या का मामला चलेगा और 2 साल की कैद होगी। जब हम ने बलजिंदर सिंह से | कहा, कंफर्म है कि वह मर गया। | इस पर उन्होंने बाद में बताने की बात कही। फिर फोन कर बताया, गुरमीत जिंदा है। वहीं, थाने के मुंशी ने 279, 337, 338, 427 आईपीसी लगाने की बात कही। इसी तालमेल की कमी से आज तक पूरे मामले में न तो जांच आगे बढ़ी और न ही पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला। गुरमीत सिंह के परिवार ने कहा- हम इलाज पर 3 लाख खर्च चुके हैं। ट्राली वाले पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और ना ही कोई पुलिस वाला पूछने तक आया।
हम ने जब थाना प्रभारी से पूछा कि एक्सीडेंट में जांच कहां तक पहुंची तो उन्होंने जवाब नहीं दिया। गुरमीत ने कहा, जिस ट्राली से हादसा हुआ था, उस पर बैठे 5 लोग उसे अकेला छोड़ भाग गए। इतने में एक बाइक सवार ने मुझे देखा। उसी ने गुरुद्वारा साहिब से निहंग सिंहों को बुलाया।