क्या आप भी सर्दी जुकाम से परेशान हैं जल्द राहत पायें कुछ घरेलु नुस्खे अपनाकर

आजकल बदलते मौसम में खुद को ढालना बहुत मुश्किल हो गया हैं इस दौरान सर्दी जुकाम होना आम बात हैं

301

क्या आपकी नाक बंद है। और आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है या आपकी छाती इतनी भरी हुई है कि आप एक वाक्य पूरा नहीं कर सकते? ऐसे में गोलियों का सेवन राहत दे सकता है परंतु इसके साइड इफेक्ट्स से शायद आप वाकिफ नहीं हैं।

आयुर्वेद विशेषज्ञ डा. नरेंद्र भट्ट कहते हैं, आम सर्दी जुकाम तथा फ्लू मौसम में परिवर्तन के कारण होता है। जब हमारा शरीर खुद को इस परिवर्तन के अनुकूल बनाने में असमर्थ होता है। ऐसे में सिंथेटिक दवाओं की बजाय प्राकृतिक, आयुर्वेदिक उपाय अधिक कारगर साबित होते हैं

यहां ऐसे ही कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताया जा रहा है:

  • अदरक : अदरक में एंटी इंफ्लामेटरी तथा एंटी वायरल गुण होते हैं और यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है। कच्चे अदरक का सेवन करना या इसके पाऊड्र का शहद के साथ सेवन करने या अदरक वाली चाय का सेवन बहुत बढ़िया रहता है ।डा. भट्ट सूखे अदरक के सेवन का सुझाव देते हैं क्योंकि ताजा रूप में इसका सेवन सबके लिए उपयुक्त नहीं होता। गृहिणी रूबी रेशमवाला पिसे अदरक, पुदीने तथा तुलसी से बनी चाय के सेवन का सुझाव देती हैं।
  • हल्दी : हल्दी हर भारतीय घर में पाई जाती हैं। इसमें एंटीआक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता का पुन: निर्माण करते हैं तुरंत राहत के लिए गर्म दूध में आधा छोटा चम्मच हल्दी डाल कर पिएं। सांस की समस्या के लिए एक आयुर्वेदिक औषधि धूमा पान में सूखी हल्दी की जड़ को जला कर इसका धुआं सांस द्वारा अंदर खींचा जाता है जिससे सर्दी जुकाम तथा खांसी कम होती है।
  • संतरा : इसमें विटामिन-सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह विटामिन सफेद रक्त कोशिकाओं के निर्माण में वृद्धि करके हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता हैं। यह वायरस के फैलने को भी कम करता है और सांस लेना आसान बनाता है। विटामिन सी से भरपूर अन्य खाद्यों में गहरे हरे रंग की सब्जियां, टमाटर, ब्रोकली, अमरूद, शिमला मिर्च, स्ट्राबेरी तथा हरे मटर शामिल हैं।
  • अजवायन: एलिसपिंटो कहती है, ‘‘सूखी रोस्ट की हुई अजवायन को कपड़े के एक टुकड़े में लपेट कर सूघें।’ वह कई वर्षों से इस तकनीक का प्रयोग अपने नाती-पोतों के लिए करती आ रही हैं। दिन में दो बार गुड़ के साथ अजवायन के सेवन से सर्दी जुकाम से राहत मिलती है।
  • लहसुन : लहसुन में एंटी इंफ्लामेटरी तथा एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। 56 लहसुन की कलियों को काट कर अपने सूप या शोरबे में शामिल करें। लगातार होने वाले जुकाम से बचने के लिए पानी में लहसुन उबाले और दिन में तीन-चार बार इसका सेवन करें।
  • दालचीनी : यह बैक्टीरिया से लड़ने में सहायक होती है और गंभीर सर्दी-जुकाम तथा खांसी से राहत दिलाती हैं। अरुणा पाटिल दालचीनी, अदरक तथा शहद के अर्क पर बहुत भरोसा करती हैं। वह कहती हैं, इस मिश्रण को एक थर्मस फ्लास्क में भर कर रख लें और नियमित अंतराल पर इसे पिएं।
  • ग्रीन टी : ब्रिटिश जर्नल आफ न्यूट्रीशन के अनुसार, ग्रीन टी पीने से मूड बढ़िया बनता है और स्वस्थ होने की भावना मन में पैदा होती है। कैमोमाइल टी अपनी नाड़ियों को शांत करती है और जुकाम आदि से पैदा होने वाले संक्रमणों से लड़ने में सहायक होती है। कैमोमाइल तथा ग्रीन टी एंटी आक्सीडेंट्स से भरपूर होती है।
  • नीलगिरी का तेल(यूकेलिप्ट्स आयल): यह जुकाम तथा फ्लू का एक प्राकृतिक उपचार है। यूकेलिप्टस इसैंशियल आयल की कुछ बूंदें अपने डिफ्यूजर या स्टीमर में डालें और भाप लें, इससे बंद नाक खुलती है।
  • काली मिर्च : इसमें विटामिनसी मौजूद होता है और यह एंटी बैक्टीरियल भी है। यह श्वास नली को साफ करती है। अपने भोजन में चुटकी भर काली मिर्च शामिल करें। पिसी काली मिर्च, अदरक, नींबू तथा शहद को पानी में मिला कर उबालें और इसे पिएं।