आम आदमी के अच्छे दिन आये या न आये, परन्तु ग्राहकों के अच्छे दिन तो आ गए – भारत सरकार

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जी हाँ, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल 2017 को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है और जल्द ही इसे संसद की मंजूरी मिल जाने के आसार हैं। Customer के हित में इस तरह के कानून की लंबे समय से मांग की जा रही थी। आइए देखते हैं यह विधेयक और कानून आपके हितों की किस तरह से रक्षा करेगा।

  • इस विधेयक के कानून बनने के बाद अब सिर्फ कंपनियों पर ही नहीं उन सितारों पर भी कार्रवाई की जा सकेगी जो किसी उत्पाद के बारे में झूठा प्रचार करेंगे। यानि अब सेलेब्रिटिज को भी पहले किसी उत्पाद को ठीक से परखना होगा क्योंकि यदि उनके असत्य दावे को सही मान कर किसी ने वह उत्पाद खरीदा और ठीक नहीं लगने पर कंस्यूमर कोर्ट चला गया तो उस सेलेब्रिटी पर भी कार्रवाई होगी।
  • इसमें 10 लाख रुपए के जुर्माने और दो साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। यह कानून डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों पर भी लागू होगा।
  • इसमें सेंट्रल कन्ज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। यह अथारिटी सभी शिकायतों पर गौर करेगी और कार्रवाई की सिफारिश करेगी।
  • अगर उपभोक्ता को लगता है कि किसी प्रॉडक्ट के बारे में विज्ञापन में गलत दावा किया गया है तो वह सेंट्रल कन्ज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी में शिकायत कर सकेगा। शिकायत के आधार पर उस उत्पाद का विज्ञापन करने वाले सेलेब्रिटी से भी पूछताछ होगी।
  • अथॉरिटी के पास कंपनी व सेलेब्रिटी के खिलाफ न केवल कार्रवाई का अधिकार होगा, बल्कि वह कंपनी का लाइसेंस रद्द कर सकेगी और उत्पाद को बाजार से वापस मंगाने का आदेश भी दे सकेगी।
  • हाल ही में मैगी नूडल्स संबंधी विवाद को देखते हुए अथॉरिटी को भी अधिकार संपन्न बनाया गया है ताकि वह ऐसे मामलों से निपट सके।
  • कानून में फूड पॉइजनिंग जैसे मामलों में आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान शामिल है।
Source Prabhasakshi

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