लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है इंटरनेट, Facebook ने जताई चिंता

54

सोशल मीडिया ने लोगों को खुलकर अपने विचार रखने का मौका दिया है। इस बीच अब Facebook ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को नया आयाम देने वाला इंटरनेट लोकतंत्र के लिए खतरा भी बन सकता है।

Facebook के प्रोडक्ट मैनेजर समिध चक्रवर्ती ने कहा, ‘इंटरनेट एक सफल लोकतंत्र को नुकसान भी पहुंचा सकता है। मैं इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकता। काश, मैं इस बात की गारंटी दे सकता कि सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलू सभी प्रकार की नकारात्मकता पर भारी पड़ेंगे, लेकिन यह संभव नहीं है। हमारा कर्तव्य है कि हम इस तकनीक का सही इस्तेमाल करें, ताकि Facebook जैसी साइट विश्वसनीय बन सकें।’

यह भी पढ़ें – अब करनी ही पड़ेगी बूढ़े मां-बाप की सेवा, सरकार बनाएगी कानून

उल्लेखनीय है कि 2016 में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने में रूस की भागीदारी सामने आने के बाद से Facebook को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। अलग तरह के साइबर जंग की इस घटना में रूस समर्थित वेबसाइटों ने भ्रमित करने वाले 80 हजार विज्ञापन पोस्ट किए थे। इसे करीब 12.6 करोड़ लोगों ने देखा था। इसके बाद से ही फेसबुक ऐसे उपाय तलाशने में जुटा है, जिससे फेक न्यूज और भ्रमित करने वाले विज्ञापनों से निपटा जा सके। सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने दावा किया है कि Facebook पर उपलब्ध नफरत फैलाने वाले संदेशों को 2018 में हटा दिया जाएगा।

चक्रवर्ती ने कहा, ‘हम कोशिश कर रहे हैं कि यूजर खुद यह देख पाए कि किस विज्ञापन के लिए किस व्यक्ति या संस्थान ने भुगतान किया है। न्यूज फीड में मौजूद कंटेंट की प्राथमिकता तय करने के लिए विशेषज्ञों की राय लेने के साथ यूजरों के बीच सर्वे कराने का भी विचार किया गया है।’ यूजर एक ही मुद्दे पर अलग-अलग विचार देख पाए, इसलिए ‘संबंधित आर्टिकल’ के विकल्प का भी टेस्ट किया जा रहा है। Facebook ने जताई चिंता, लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बन सकता इंटरनेट

Source jagran