‘अच्‍छी दाल बना लेता हूं, लेकिन रोटी बनाना बहुत मुश्किल काम’: बराक ओबामा

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हर कोई बराक ओबामा के तेज दिमाग, हाजिरजवाबी और यहां तक कि मजाकिया अंदाज का लोहा मानता है. और जब बात लोगों को गुदगुदाने की आए तो यह काम उनसे बेहतर कोई नहीं कर सकता.

नई द‍िल्‍ली : अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति बराक ओबामा की दुनिया कायल है. हर कोई उनके तेज दिमाग, हाजिरजवाबी और यहां तक कि मजाकिया अंदाज का लोहा मानता है. और जब बात लोगों को गुदगुदाने की आए तो यह काम उनसे बेहतर कोई नहीं कर सकता. यही बात उन्‍होंने एक बार फिर साबित की है. दरअसल, एक कार्यक्रम में हिस्‍सा लेने भारत आए बराक ओबामा ने कहा है कि उन्‍हें दाल बनानी आती है, लेकिन रोटी बनाना काफी मुश्‍किल है.

15वे एचटी लीडरश‍िप समिट के दौरान बराक ओबामा ने बताया कि किस तरह उन्‍होंने दाल बनानी सीखी थी. होस्‍ट करण थापर के साथ बातचीत करते हुए उन्‍होंने भारतीय खाने और अपनी कुकिंग स्किल के बारे में बताया. उन्‍होंने यह भी कहा कि वो अच्‍छी दाल बना सकते हैं. उनके मुताबिक, ‘कल रात मैं डिनर पर गया था और वहं लोग दाल के बारे में समझा रहे थे.’ फिर उन्‍होंने भारतीय भोजन दाल से अपने संबंध के बारे में बताया कि उन्‍होंने कैसे उसे बनाने की तकनीक सीखी थी. उन्‍होंने कहा, ‘कॉलेज में मेरे रूममेट भारत और पाकिस्‍तान के थे. उनकी मांओं ने मुझे दाल बनानी सिखाई. और मैं अच्‍छी दाल बना लेता हूं. मुझे लगता है कि मैं अमेरिका का पहला ऐसा राष्‍ट्रपति हूं जिसे दाल बनानी आती है.’

ओबामा से जब रोटी बनाने के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा, ‘चपाती बनाना बहुत मुश्‍किल है.’ जैसे ही उन्‍होंने यह बात कही वहां मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे.

आपको बता दें कि व्‍हाइट हाउस से रिटायर होने के बाद बराक ओबामा की यह पहली भारत यात्रा है. अमेरिका और भारत के बीच संबंध के बारे में बातचीत करते हुए ओबामा ने कहा, ‘मेरा विश्‍वास है कि 21वीं सदी में भारत और अमेरिका दृढ़ साझेदार बन सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब लोकतंत्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं. हमारे बीच काफी कुछ एक जैसा है. अमेरिका और भारत का गठजोड़ दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र के बीच साझेदारी है. मेरा मानना है कि दो सबसे पुराने लोकतांत्रिक देश विकास के लिए काम करेंगे ताकि सबका भला हो सके.

Source Khabar.ndtv

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