मुंबई हादसा: सेल्फी लेने वालों के चलते जान बचाकर भाग रहे लोगों को निकालने में हुई दिक्कत

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मुंबई के कमला मिल्स कंपाउंड स्थित मोजो पब में आग लगने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 55 से ज्यादा लोग झुलस गए. गुरुवार रात लगी इस आग की चपेट में 3 NRI भी आ गए.

उनको इलाज के लिए भाटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अवैध निर्माण ढहाने के आदेश दिए हैं.

मामले में पुलिस और सिविक अधिकारियों का कहना है कि पब ने सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई. किसी भी मानक को पूरा नहीं किया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब पब में आग लगी, तो चीख पुकार मच गई. लोग इधर-उधर भाग रहे थे और मदद की गुहार लगा रहे थे, लेकिन पब के मैनेजर और स्टाफ वहां फंसे लोगों की मदद करने और उनको बाहर निकालने की बजाय भाग निकले. पब के मैनेजर और स्टाफ ने आग में फंसे लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया.

वहीं कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया है कि आग लगने के दौरान कुछ लोगों ने सेल्फी लेने की कोशिश की, जबकि कुछ अन्य नशे में धुत थे. इस वजह से लोगों को वहां से बाहर निकालने में देर हुई. एक निजी सुरक्षा एजेंसी के लिए काम करने वाले महेश साबले ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया कि बीती रात शोर सुनकर मैं अपने कार्यालय से बाहर निकला. कई सारे लोग मेरी ओर भागे आ रहे थे. जिधर भी उन्हें जाने का रास्ता मिल रहा था वे लोग उस ओर भाग रहे थे.

उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने छत पर स्थित सुरक्षा एजेंसी के कार्यालय के अंदर शरण लेने का आग्रह किया. वे लोग लिफ्ट से आए थे और उस जगह से बाहर निकलने के लिए उपयुक्त रास्ते के बारे में कुछ नहीं जानते थे. मैंने करीब डेढ़-दो सौ लोगों को नीचे जाने का रास्ता अपनी जानकारी के मुताबिक बताया. साबले ने बताया कि कुछ लोग रेस्ट रूम में ही रुक गए क्योंकि वे लोग नहीं जानते थे कि बाहर निकलने का रास्ता कौन सा है.

साबले के साथी संजय गिरि ने बताया कि वह उस वक्त भूतल पर थे और फंसे हुए लोगों को बाहर निकलने में मदद करने के लिए ऊपर गए. गिरि ने बताया कि शुरुआत में छत पर स्थित पब में शराब के नशे में धुत कुछ लोगों और वीडियो बना रहे लोगों ने बचाव कोशिशों में देर की. साबले और गिरि ने यह भी बताया कि रसोई गैस (एलपीजी) के कई सिलेंडर भूतल पर रखे हुए थे और चिंगारी तथा मलबा उन पर गिर रहा था.

वहीं पुलिस ने कहा कि पब की लापरवाही के चलते 14 लोगों की जान चली गई और कई लोग झुलस गए. वहीं, पब की ओर से जारी बयान में मालिक ने दावा किया कि उसके स्टाफ ने लोगों को बचाने में मदद की और कई लोगों को बचाया भी. हादसे में झुलसे सिद्धार्थ श्राप ने बताया कि जब आग लगी, उस समय रेस्तरां में करीब 150 लोग मौजूद थे. बाहर निकलने का रास्ता बेहद संकरा था, जिसके चलते सभी लोग बाहर नहीं निकल पाए.

इस हादसे के बाद रेस्तरां मालिक पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है. साथ ही बीएमसी के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने बताया कि बीएमसी कमिश्नर को मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं. वो 15 दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेंगे. साथ ही बीएमसी के पांच अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है.

फडणवीस ने बताया कि इन मौतों के लिए जिम्मेदार रेस्तरां मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है. अगर मामले में बीएमसी की लापरवाही पाई गई, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा.

उन्होंने बताया कि ऐसी सभी इमारतों के सुरक्षा ऑडिट करने और अवैध ढांचे ढहाने के भी आदेश दिए गए हैं. वहीं, हादसे के बाद से बीएमसी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. कहा जा रहा है कि पब के पास ‘रूफ टॉप पब’ की परमिशन नहीं थी.

Source aajtak

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