पुणे की कंपनी ने लगाया लाखों रुपए का चुना | ध्यान दें ऐसी कंपनी पर

बताए पते पर कोई कंपनी नहीं

407

राजधानी के एक व्यवसायी से पुणे की एक ब्रोकर कंपनी के संचालकों ने लाखों रुपए लेकर गायब होने का मामला सामने आया है। कंपनी के संचालकों ने उनकी कंपनी का विदेशी कंपनी से करार कराकर 2 मिलियन डॉलर से अधिक का बिजनेस दिलाने का आश्वासन दिया था। आरोपियों ने उक्त राशि बतौर कमीशन हासिल की थी। कंपनी के संचालकों से जब कोई संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने अदालत में परिवाद दायर कर दिया। अदालत के आदेश के बाद गोविंदपुरा पुलिस ने कंपनी संचालकों समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है।

गोविंदपुरा पुलिस के मुताबिक ई-1 अरेरा कॉलोनी निवासी सौरभ अग्रवाल की एंसीलरी इंडस्ट्रीयल स्टेट के नाम से कंपनी है। साल 2012 में पुणे की कंपनी एल्कोर मरज़र्स एंड एक्विजीशन प्राइवेट लिमिटेड के संचालक जार्ज मैथ्यू मोलाकल, थॉमस मैथ्यू मोलाकल, मीनाक्षी गौर, एरिक एलन कोहिन एवं वाइस प्रेसीडेंट निखिल देशपांडे से संपर्क हुआ था। जार्ज मैथ्यू मोलाकल ने सौरभ को बताया था कि उनकी कंपनी ब्रोकर का काम करती है। कई बड़ी विदेशी कंपनियां उनके संपर्क में हैं। जार्ज ने कहा था कि कार्य विस्तार के लिए विदेशी कंपनी ढूंढकर उससे करार कराने के साथ कम से कम 2 मिलियन डॉलर का बिजनेस भी दिलवाएंगे

तय हुआ था 30 लाख कमीशन
इस काम के लिए दो किस्त में 20 लाख और 30 लाख रुपए कमीशन तय हुआ था। जार्ज ने बताया था कि सिंगापुर में विधि विभाग है, यदि किसी कंपनी द्वारा करार के बाद बिजनेस नहीं दिया तो प्रकरण लगाकर उस कंपनी को बिजनेस देने के लिए बाध्य किया जाएगा। बिजनेस नहीं मिलने की स्थिति में कमीशन की राशि ब्याज समेत वापस करने का भी भरोसा दिलाया था। फर्जीवाड़ा के बाद अदालत के आदेश पर गोविंदपुरा पुलिस ने एल्कोर मरजर्स एंड एक्विजीशन कंपनी एवं संचालक जार्जमैथ्यू मोलाकल, थॉमस मैथ्यू मोलाकल, मीनाक्षी गौर और एरिक एलन कोहिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

ऐसे ऐंठ लिए 27.50 लाख रुपए
जार्ज ने 12.50 लाख रुपए एडवांस लिए और बताया कि 4 से 6 महीने में विदेशी कंपनी ढूंढकर काम दिलाया जाएगा। इस बीच एक विदेशी व्यक्ति लेविस वेंस कोऑल मेटल्स एंड फोर्ज ग्रुप का संचालक बताते हुए भोपाल में मुलाकात कराई। लेविस भी सौरभ की कंपनी के साथ काम करने को राजी हो गए। अप्रैल 2014 में कंपनी के साथ करार हुआ। | इसके बाद जार्जने सौरभ से पांच लाख कमीशन ले लिया। करार के कुछ दिन बाद ही जार्ज ने ईमेल किया कि जब तक 10 लाख रुपए कमीशन के नहीं मिलेंगे तब तक कम से कम 2 मिलियन डॉलर का बिजनेस नहीं मिलेगा।

आरोपी की बेटी ने 82 लाख भरकर बैंक में लगाया था चोरी का चैक
10 साल पहले आयकर छापे के दौरान चुराये थे चेक
भोपाल में वर्ष 2008-09 में आयकर कार्यालय में पदस्थ डिप्टी कमिश्नर ध्रुवराज शर्मा पर रिलायबल ग्रुप के तीन चेक चोरी करने का मामला सामने आया है। आरोपी की बेटी ने एक माह पहले तीनों चेक में करीब 82 लाख रुपए भरकर बैंक में चेक जमा किया तो मामले का खुलासा हो गया। आयकर के उपायुक्त ध्रुवराज शर्मा यह चेक करीब 10 साल पहले मई 2008 में | भोपाल के कोहेफिजा स्थित रिलायबल ग्रुप में मारे गए छापे के दौरान चुराए थे। रिलायबल ग्रुप पर आयकर छापे की उक्त कार्रवाई की अगुवाई उपायुक्त शर्मा ही कर रहे थे। कोहेफिजा पुलिस ने चेक चोरी का मामला रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर पर दर्ज कर लिया है।
कोहेफिजा थाना प्रभारी अनिल वाजपेयी ने बताया कि वर्ष 2008 में रिलायबल ग्रुप में आयकर का छापा पड़ा था। छापे की कार्रवाई तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर रघुराज शर्मा के निर्देशन में हुई थी। छापे के बाद रिलायबल ग्रुप ने अपनी एक चेकबुक चोरी की शिकायत कोहेफिजा थाने में की थी। करीब 15 दिन पहले रघुराज शर्मा की बेटी ने रिलायबल ग्रुप के संचालक को नोटिस भेजा की मैंने आपको रुपए दिए थे। आपने उसके बदले में मुझे तीन चेक दिए थे, जिस बैंक खाते का चेक दिया था, वह खाता क्रियाशील नही है। इसके बाद जब रिलायबल ग्रुप ने चेक नंबर के आधार पर अपने दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि उक्त चेत आयकर छापे के समय चोरी हुए थे। कोहेफिजा थाना प्रभारी अनिल वाजपेयी ने बताया कि रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर आयकर ध्रुवराज शर्मा के खिलाफ चेक चोरी का मामला दर्ज किया गया है।