क्या ऑफिस में लंबे समय तक बैठे रहने के कारण पैरों में कंपन और सनसनी महसूस होती है।

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कई लोगों को आपने देखा होगा कि वे बेवजह टांगे हिलाते हैं। कुछ लोगों की यह महज़ एक आदत होती है लेकिन कई लोगों में यह तंत्रिका तंत्र से संबंधित बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। इसमें व्यक्ति को कहीं बैठने या लेटने पर ऐसा महसूस होता है जैसे उनकी पैरों पर कुछ रेंग रहा है या झनझनाहट और कंपन महसूस होता है। इससे राहत पाने के लिए वे पैरों को हिलाने लगते हैं। इस बीमारी को रेस्टलेस लेग सिंड्रोम (Restless leg syndrome) कहते हैं। इसके कारण चिड़चिड़ापन, ध्यान में कमी, अनिद्रा आदि समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि इस बीमारी का पुख्ता कारण डॉक्टर्स अभी तक खोज नहीं पाएं है लेकिन यह देखा गया है कि यह बीमारी ज़्यादातर लोगों में आनुवंशिक होती है। इस बीमारी से निजात पाने के लिए आयरन और पौटेशियम सप्लीमेंट्स लिए जा सकते हैं। जिन लोगों को हृदय से संबंधित रोग है वे कोलेस्ट्रॉल के स्तर का पता लगाकर अपने डॉक्टर से परामर्श लें। लंबे समय तक बैठने से बचें। अगर ऑफिस में घंटों बैठकर काम करते हैं। तो कुछ समय के अंतराल में उठकर थोड़ी देर चहलकमी करें। दूध, विटामिन-बी और आयरन से भरपूर भोज्य पदार्थों का सेवन करें। कैफीन, तंबाकू और मदिरा का सेवन बिल्कुल न करें। जिन रोगियों में लक्षण गंभीर नहीं होते वे एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर भी इस बीमारी से निजात पा सकते हैं।

रेस्टलेस लेग सिंड्रोम नींद को भी प्रभावित करता है। पैरों की मसाज, गर्म पानी से स्नान, गर्म या बर्फ से सिंकाई करने से भी आराम मिलता है। कुछ और बीमारियों का संबंध भी इस सिंड्रोम से होता है। किडनी संबंधी रोग, मधुमेह, नर्व डैमेज, एनीमिया आदि का सीधा संबंध इससे है। इस सिंड्रोम के लक्षण दिखाई देते ही डॉक्टर से परामर्श लें और जांच करवाएं।