Patanjali 2018: अब ऑनलाइन मिलेंगे पतंजलि के उत्पाद, कई ई-कॉमर्स कंपनियों से हुई डील

चिकित्सक की सलाह पर उपलब्ध करवाई जाने वाली पतंजलि की दवाएं

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Patanjali 2018: बाबा रामदेव की अगुवाई वाली एफएमसीजी कंपनी पंतजलि आयुर्वेद ने अपने उत्पादों को घर घर पहुंचाने के लिये अमेजन व फ्लिपकार्ट सहित आठ बड़ी आनलाइन खुदरा कंपनियों से गठजोड़ की घोषणा की है। रामदेव ने इस भागीदारी की घोषणा की और कहा, ‘इस पहल का उद्देश्य ग्राहकों को पारंपरिक खुदरा व्यवस्था का सुगम व प्रभावी विकल्प उपलब्ध करवाना है। यह एक तरह से पहली व्यवस्था का विस्तार ही है।’ इस पहल के तहत पतंजलि ने ई-कामर्स कंपनी अमेजन, ग्रोफर्स, शॉपक्लूज, फ्लिपकार्ट, बिगबास्केट, 1एमजी, पेटीएम मॉल व नेटमेड्स के साथ करार किया है। पतंजलि के विभिन्न उत्पाद अब इन साइट्स पर उपलब्ध होंगे।

चिकित्सक की सलाह पर उपलब्ध करवाई जाने वाली Patanjali की दवाएं केवल नेटमेड्स व 1एमजी के जरिए ​बेची जाएंगी। शॉपक्लूज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष परिचालन विशाल शर्मा ने कहा कि कंपनी सीधे ही उत्पाद लेकर उन्हें ग्राहकों को बेचेगी। पतंजलि व ईकामर्स कंपनियां इन उत्पादों की बिक्री पर कोई छूट नहीं देंगी ताकि खुदरा बिक्री केंद्रों के जरिए उत्पादों की बिक्री से तालमेल रखा जा सके। रामदेव ने कहा कि विभिन्न सोशल मीडिया मंचों के जरिए लोग पतंजलि के उत्पादों की आनलाइन बिक्री शुरू किए जाने का आग्रह कर रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए ही संस्था ने ‘हरिद्वार से हर द्वार तक आनलाइन उत्पाद उपलब्ध करवाने का फैसला किया है।

कंपनी ने हाल ही में अपनी वेबसाइट Patanjali आयुर्वेद बनाई और दिसंबर महीने में इसके जरिए बिक्री 10 करोड़ रुपये से अधिक रही। रामदेव ने कहा कि 50,000 करोड़ रुपये मूल्य की उत्पादन क्षमता तैयार करके उनकी कंपनी एफएमसीजी क्षेत्र में सबसे अग्रणी बन गई है। हरिद्वार और तेजपुर (असम) में बड़ी इकाइयों के बाद नोएडा, नागपुर व इंदौर में कंपनी के कारखाने पर तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही पतंजलि के उत्पादों का निर्यात भी आंशिक रूप से कार्य शुरू कर दिया गया है। रामदेव ने इस अवसर पर कहा, ”पतंजलि 100 प्रतिशत शुद्धता एवं 100 प्रतिशत परमार्थ के रास्ते पर चल रही है।

Patanjali अपने मुनाफे को लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा, परमार्थ और गांव गरीब की भलाई पर खर्च करेगी। पतंजलि सीमा पर जान गंवाने वाले सैनिक, अर्धसैनिक बलों के जवानों के बच्चों के लिये स्कूल भी तैयार कर रहा है जहां उनके बच्चों को निशुल्क शिक्षा, रहने और खाने-पीने की सुविधा दी जायेगी। एक सवाल के जवाब में रामदेव ने कहा पतजलि किसी विदेशी कंपनी के साथ गठजोड़ नहीं करेगी लेकिन विदेशों से नवीन प्रौद्योगिकी और विज्ञान को अपनाने में उसे कोई परहेज नहीं है।

Source livehindustan