स्वस्थ होने का मतलब, बीमार न पड़ना नहीं होता

अच्छा स्वास्थ्य किसी सुपर स्टोर पर नहीं मिलता। इसे बनाना और सम्भालना पड़ता है।

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हैल्थ एक मायावी शब्द है। अक्सर कुछ लोग अपने आप को हैल्दी कहते है पर वो होते नहीं है साथ ही कुछ लोग जो थोड़ा बीमार होते हैं वो भी तुलनात्मक रूप से ज्यादा हैल्दी हो सकते हैं। हेल्थ इंग्लिश के एक पुराने शब्द Hale से बना है। जिसका अर्थ है संपूर्णता होना या अच्छा होना।
अगर हम हेल्थ को परिभाषित करे तो हैल्थ एक ऐसी अवस्था है जिसमें मनुष्य शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक सभी तरह से अच्छा हो। केवल किसी बीमारी से ग्रस्त न होने का मतलब हैल्दी होना नहीं माना जाता।

हैल्थ को समग्र तौर पर देखा जाए तो इंसान को स्वस्थ दिखना ही नहीं चाहिए उसका स्वस्थ महसूस करना भी उतना ही जरूरी है।

हैल्थ में 3 प्रमुख भाग होते हैं।

  • फिजिकल या शारीरिक स्वास्थ्य : जिसका अर्थ है कि शरीर के सभी अंग सही सलामत हो एवं सुचारु रूप से अपना कार्य करें।
  • मेन्टल या मानसिक स्वास्थ्य का अर्थ है : किसी बात को सोचने, समझने, महसूस करने, याद रखने एवं निर्णय लेने में सक्षम हो।
  • इमोशनल या भावनात्मक स्वास्थ्य का अर्थ : किसी भी शारीरिक या दिमागी घटना के फलस्वरूप होने वाली हमारी प्रतिक्रिया है।

कुछ कदमों को अपनाकर, एक अच्छी जीवनशैली अपनाकर हम खुद को बीमारी से बच सकते हैं, बीमारी के उपचार में लगने वाले अमूल्य धन को बचा सकते हैं।

  • पर्याप्त पानी पीना : शरीर का 60 प्रतिशत भाग पानी से बना है। मल मूत्र, पसीने, श्वसन में काफी मात्रा में पानी खर्च होता है। इसलिए हमें लगभग 8 से 12 गिलास पानी पीना चाहिए।
  • पर्याप्त नींद चाहिए: मोबाइल युग में हम लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पाते। आजकल लोगों की कार्यशैली ऐसी हो चुकी है कि दिन में काफी कम समय या यूं कहें बेसमय नींद ली जाती है जिससे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है एवं समय पूर्व वृद्धावस्था आ जाती है। इसलिए कम से कम 8 घंटे की पर्याप्त नींद जरूर लें।
  • बीमारियों से दूरी के लिए व्यायाम ; रिसर्च के मुताबिक प्रतिदिन व्यायाम करने से हमारी आयु बढ़ती है, वजन नियमित रहता है, हड्डियों में मजबूती रहती है, साथ ही बीमारियां दूर रहती हैं। | इसलिए रोजाना नियमित व्यायाम करना सेहत के लिए काफी अच्छा है। कुछ दूरी पर जाने के लिए गाड़ी के बजाय पैदल चलें। लिफ्ट की जगह सीढ़ियां लें।।
  • सिर्फ कार्डियो एक्सरसाइज नहीं : जरूरी नहीं कि केवल कार्डियो एक्सरसाइज ही करें। शरीर के सभी अंगों की कसरत हो ऐसी एक्टिविटी करें। इसका सबसे आसान रास्ता हैं खेल। फुटबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन खेल सकते हैं।
  • नैचुरल सप्लीमेंट्स हैं सर्वोत्तम विकल्प: आजकल शारीरिक और मानसिक थकान महसूस होने पर लोग न्यूट्रीशन सप्लीमेंट्स चुनने लगते हैं जबकि वह सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं। पर्याप्त फल सब्जी आहार में लेना चाहिए, फलों-सब्जियों में जरूरी मिनरल एवं विटामिन होते हैं जो कि नैचुरल सप्लीमेंट्स होते हैं।
  • प्रोसेस्ड फूड करता है हार्ट को प्रभावित : प्रोसेस्ड फूड का इस्तेमाल कम करें। प्रोसेस्ड फूड में अक्सर जरूरी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं साथ ही उसमें नमक काफी मात्रा में होता है जिससे हार्ट पर बुरा असर होता है।
  • वह करें जो सकारात्मक अहसास दे: अपने दिमाग को स्वस्थ रखे नकारात्मक विचारों को दूर करें। खुद को ऐसे कार्यों से जोड़कर रखें जिनसे खुशी मिलती हो। ऐसे व्यक्तियों से मिलें जिनसे सकारात्मक का एहसास होता हो।
  • शरीर के हिसाब से तय करें कैलोरी : भोजन उतना ही खाएं जितना जरूरी हो। अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से कैलोरी तय करके उतना ही खाएं एवं कुपोषण व मोटापे से बचें।
  • मीठा है दिल के लिए कड़वा : ज्यादा मीठा खाने से परहेज करें। रिसर्च के मुताबिक ज्यादा मीठा खाने से हार्ट की बीमारी एवं असमय हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है। साथ ही डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है।