टैटू बनवाना हो सकता है खतरनाक, जानें इससे जुड़े ख़तरों के बारे में

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टैटू(Tattoos) का बहुत क्रेज है, लेकिन इसमें कई ख़तरे जुड़े हैं, जिन्हें हल्के में न लें। टैटू बिना एनेस्थीसिया दिए बनाए जाते हैं। इस दौरान थोड़ा सा रक्तस्राव हो सकता है और दर्द भी होता है। टैटू बॉडी आर्ट का एक रूप है। इसका निर्माण तब होता है, जब सुईं द्वारा इंक त्वचा में डाली जाती है। ये त्वचा के पिग्मेंट्स को बदल देता है। इसका इस्तेमाल चित्र बनाने में किया जा सकता है।

जानते हैं, इससे जुड़े ख़तरों के बारे में :
टैटू बनाने के दौरान मशीन में लगी निडिल से त्वचा को पंक्चर किया जाता है। हर बार जब ये यंत्र छेद करता है, ये डर्मिस में इंक इंजेक्ट करता है। डर्मिस त्वचा की दूसरी परत होती है। एपिडर्मिस के नीचे वाली त्वचा को नुक़सान पहुंचता है और कई जटिलताएं हो सकती हैं।

एलर्जिक रिएक्शंस
टैटू के रंगों से, विशेषकर लाल, हरे, पीले और नीले रंगों से त्वचा पर एलर्जिक रिएक्शन हो सकती है। जैसे, जहां टैटू बना है वहां रैशेज पड़ जाना, उस पर खुजली होना आदि। ऐसा टैटू बनवाने के कईं बरसों बाद भी हो सकता है।

त्वचा का संक्रमण
टैटू के कारण त्वचा कट जाती है। इससे त्वचा का संक्रमण, जैसे ट्यूबरक्लोसिस और दूसरी संभावित जटिलताएं हो सकती हैं। कभी-कभी टैटू की स्याही के आसपास सूजन वाला क्षेत्र बन जाता है, जिसे ग्रैनुलोमा कहते हैं। टैटू के कारण केलोइड्स हो सकता है। स्कार टिशु की ओवरग्रोथ के कारण यह क्षेत्र आसपास के क्षेत्र से ऊंचा उठ जाता है।